तुर्कमान गेट हिंसा मामले में 5 आरोपियों को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने बढ़ाई हिरासत, कल जमानत पर सुनवाई
दिल्ली स्थित तुर्कमान गेट के पास फैज-ए-इलाही के पास अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पत्थरबाजी के मामले में गिरफ्तार किए गए पांच लोगों की हिरासत अवधि कोर्ट ने बढ़ा दी है.
तीस हजारी कोर्ट ने फैज-ए-इलाही मस्जिद पत्थरबाज़ी मामले सभी 5 आरिपोयों की न्यायिक हिरासत 13 दिन के लिए बढ़ा दी है. पांचों आरोपियों को एक दिन की न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया. सभी आरोपियों की जमानत याचिका पर तीस हज़ारी कोर्ट में कल सुनवाई होगी.
उधर, अभी तक इस मामले में कुल 11 लोगों को गिर्तार किया जा चुका है. DCP निधिन वलसन ने कहा, CCTV कैमरे और इंटेलिजेंस के आधार पर छह और लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस हिंसा के सिलसिले में गुरुवार को गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अथर और उबेद के रूप में हुई है, ये सभी तुर्कमान गेट इलाके के निवासी हैं.
तुर्कमान गेट मामले के आरोपियों में नाबालिग भी शामिल
विलसन ने कहा कि आगे की जांच जारी है. गिरफ्तार किए गए ज़्यादातर लोगों की उम्र 20 से 30 साल के बीच है. हमने 10 ऐसे लोगों के नाम शॉर्टलिस्ट किए हैं जिन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों को भड़काया, सलमान भी उनमें से एक है.
पुलिस इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को हिरासत में ले चुकी है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है.
फैज-ए-इलाही के पास कैसे बिगड़े हालात?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हालात उस समय बिगड़ गए जब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया गया कि तुर्कमान गेट के सामने स्थित मस्जिद को अतिक्रमण-रोधी अभियान के दौरान ध्वस्त किया जा रहा है, और लोग वहां इकट्ठा होने लगे. उन्होंने दावा किया कि पुलिस और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के कर्मचारियों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकने में 150 से 200 लोग शामिल थे.
एमसीडी के उपायुक्त विवेक कुमार ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान लगभग 36,000 वर्ग फुट अतिक्रमित जमीन को खाली कराया गया था, जहां एक निदान केंद्र और ‘बैंक्वेट हॉल’ समेत कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ध्वस्त कर दिया गया, लेकिन मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया.
