2137 ‘डक’…, बल्लेबाजों के कांपते हैं पैर, जानिए इन 3 क्रिकेट ग्राउंड का डरावना इतिहास

2137 ‘डक’…, बल्लेबाजों के कांपते हैं पैर, जानिए इन 3 क्रिकेट ग्राउंड का डरावना इतिहास

क्रिकेट के 3 मैदान ऐसे हैं, जहां दुनिया के अच्छे अच्छे बल्लेबाजों के भी पैर कांप जाते हैं. यहां स्विंग, उछाल है और इतिहास बल्लेबाजों में खौफ, डर पैदा करता है. विराट कोहली, केन विलियमसन, जो रुट और स्टीव स्मिथ जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को भी यहां परेशानी होती है, उन्हें यहां खेलना चैलेंज लगता है. सिडनी की फिरकी, मेलबर्न की विशालता और लॉर्ड्स, ये तीन स्टेडियम बल्लेबाजों के खिलाफ नजर आते हैं. यहां शतक लगाना एक रिकॉर्ड है, लेकिन खाता खोलना ही यहां पहली जीत है. यहां के आंकड़े, कहानियां बताती है कि यहां खेलना मुश्किल क्यों है, आइए इनके बारे में जानते हैं.

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड

अपनी क्षमता के साथ मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड अपनी पिच के मिजाज के लिए भी जाना जाता है. ऑस्ट्रेलिया के इस ग्राउंड पर अभी तक 290 इंटरनेशनल मैच खेले जा चुके हैं, इनमें 745 बार बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल पाए हैं. इस ग्राउंड पर खेलने में सबसे बड़ा चैलेंज इसकी बड़ी बॉउंड्री और सुबह की नमी है. शुरूआती ओवरों में यहां एक्स्ट्रा बाउंस मिलता है, जो बल्लेबाजों के लिए मुश्किल रहता है और उन्हें गलती करने पर मजबूर करता है.

लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड

लंदन के लॉर्ड्स पर खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है, लेकिन इस ग्राउंड पर ढलान (सलोप) अच्छे अच्छे बल्लेबाजों के लिए मुश्किल खड़ी करती है. 230 मुकाबलों में 667 बार बल्लेबाज अपना खाता नहीं खोल पाए हैं, जो गवाही देता है कि यहां पर स्विंग और सीम कंडीशन बल्लेबाजों के लिए काल की तरह रहता है. यहां की पिच और आउटफील्ड में ढलान है, जिसकी वजह से गेंदबाजों को यहां मदद मिलती है. यहां पर खेलना बल्लेबाजों का सपना तो होता है, लेकिन यहां की कंडीशन उन्हें शुरूआती ओवरों में गलती करने पर मजबूर कर देती है और बल्लेबाज यहां खेलते हुए नर्वस भी रहता है. आंकड़े भी बल्लेबाजों के मन में पहले से ही डर पैदा कर देता है.

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर स्पिनर्स के लिए मदद रहती है, लेकिन यहां पर पिच कंडीशन की अनिश्चितता बल्लेबाजों के लिए दोहरी मुसीबत बन जाती है. 295 मैचों में 725 बार यहां बल्लेबाज शून्य पर आउट हुआ है. यहां बल्लेबाजों के लिए खाता खोलना ही पहला चैलेंज रहता है. सिडनी पिच पर दरारें और बदलता मिजाज भी बल्लेबाजों के खिलाफ जाता है. यहां कभी उम्मीद से ज्यादा टर्न मिलता है, जो खुद गेंदबाजों को भी हैरान कर देता है तो कभी यहां गेंद रूककर आती है.


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