बुलंदशहर में हुई घटना में मारे गए पुलिस इंस्पेक्टर की मौत के बाद एसआईटी का गठन किया गया है। वहीं इस मामले में 4 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नी का बयान सामने आया है। जिसमे उन्होंने कहा, सुबोध कुमार सिंह ने पूर्ण ईमानदारी से काम किया और खुद पर सभी जिम्मेदारी ली।यह पहली घटना नहीं है, जब उन्हें बुलेट से चोट लगी हो, इससे पहले भी उन्हें बुलेट से दो बार चोट लगी थी। लेकिन अब कोई भी उसे न्याय नहीं दे रहा है। न्याय केवल तभी किया जाएगा जब उसके हत्यारों की हत्या हो।

हिंसा को लेकर एडीजी आनंद कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया, 6 टीमें छापे मार रही हैं। अब तक दो लोगों को सबूत के आधार पर गिरफ्तार किया है। हालांकि सुबोध कुमार सिंह की हत्या के 24 घंटे बाद पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है लेकिन मुख्य आरोपी योगेश राज अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

वहीं, योगेश की बहन का कहना है कि योगेश निर्दोष और नादान है। वह बजरंग दल में रहकर देश की सेवा कर रहा है। वो गाय को बचाने का काम कर रहा है और पुलिस उसको फंसा रही है। जब वह घटनास्थल पर गया तो एक पुलिस अफसर ने उसे कहा कि देख मैं उसे गोली मार रहा हूं और तुझे फंसा दूंगा।

27 लोग नामजद हैं और इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह हमारे लिए शहीद हैॆं आनंद कुमार ने कहा जिस युवक की मौत हुई है उसके शरीर से भी बुलेट बरामद की गई है। आखिरी पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में बुलेट के बारे में पता लगाया जाएगा। बुलन्दशहर मृतक इंस्पेक्टर के पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन में लाकर उन्हें सलामी दी गयी।

इस अवसर पर एडीजी प्रशान्त कुमार, पुलिस महानिरीक्षक राम कुमार, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारी मौजूद थे। दरोगा के पार्थिव शरीर को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजन दरोगा के पार्थिव शरीर को लेकर एटा के लिये रवाना हो गये हैं।

उन्होंने कहा, मेरा भाई अख़लाक हत्या मामले की जांच कर रहे थे इसलिए उन्हें मारा गया। ये सब पुलिस की साजिश है। उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए, उनका स्मारक बनना चाहिए। हमें पैसा नहीं चाहिए। इंस्पेक्टर की बहन ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर मुख्यमंत्री योगी सिर्फ बातें कर रहे हैं। वे खुद क्यों नहीं गोरक्षा करके दिखाते हैं?

उन्होंने मांग की कि मेरे भाई को शहीद का दर्जा दिया जाए। एटा के पैतृक गांव में उनका शहीद स्मारक बनाया जाए। सुबोध की बहन ने कहा कि हमारे पिता भी ऐसे ही ड्यूटी करने के दौरान गोली लगने से शहीद हुए थे। हम लोग बहुत बहादुर हैं। उन्होंने सीएम योगी से मांग की है कि वे उनके परिवार से आकर मिलें।

बुलंदशहर हिंसा वीएचपी, बजरंग दल और आरएसएस का षड्यंत्र : राजभर 

वहीं उत्तर प्रदेश मंत्री ओपी राजभर ने इस मामले को वीएचपी, बजरंग दल और आरएसएस का षड्यंत्र करार दिया है। ओपी राजभर ने कहा , यह वीएचपी, बजरंग दल और आरएसएस द्वारा पूर्व योजनाबद्ध षड्यंत्र है, अब पुलिस कुछ भाजपा सदस्यों का नाम भी दे रही है। मुस्लिम इज्तेमा समारोह के रूप में उसी दिन विरोध क्यों हुआ? यह शांति को परेशान करने का प्रयास था।

मेरे पिता ने हिंदू-मुस्लिम विवाद में जीवन खो दिया : स्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह का बेटा

मृतक पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के बेटे अभिषेक ने कहा, मेरे पिता चाहते थे कि मैं एक अच्छा नागरिक बनूं जो धर्म के नाम पर समाज में हिंसा को उत्तेजित नहीं करता है। आज मेरे पिता ने इस हिंदू-मुस्लिम विवाद में अपना जीवन खो दिया, कल किसके पिता अपना जीवन खो देंगे?

सीएम योगी पुलिस इंस्पेक्टर के परिजनों को किया 50 लाख मुआवजे का ऐलान

पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और सुमित निवासी चिंगरावठी की हत्या गोकशी की अफवाह के बाद फैली हिंसा के दौरान हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह तथा एक अन्य की मृत्यु पर गहरा दु:ख व्यक्त करते दो दिन में घटना की सम्पूर्ण जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के दिए निर्देश हैं।

सीएम योगी ने दिवंगत पुलिस इंस्पेक्टर की पत्नी को 40 लाख रु और माता-पिता को 10 लाख रु आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।दिवंगत इंस्पेक्टर के आश्रित परिवार को असाधारण पेंशन के साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की गई है। हिंसा मामले में पुलिस ने 27 नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 302, 333, 353, 427, 436, 394 और 7-क्रिमिनल अमेंडमेंट लॉ के तहत मामला दर्ज किया है।

जांच के लिए एसआईटी का गठन

अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था आनंद कुमार ने सोमवार को कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन हो गया है। एडीजी (इंटेलीजेंस) को भी जांच सौंपी गई है। एडीजी (मेरठ जोन) एसआईटी की अगुवाई करेंगे। उन्होंने बताया, इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। तनाव को देखते हुए घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

Anand Kumar

48 घंटे में गोपनीय इंक्वायरी की रिपोर्ट भी मिल जाएगी। अभी 5 कंपनी आरएफ और 6 कंपनी पीएसी लगाई गई है। आनंद कुमार ने पत्रकारों से वार्ता में कहा, इस मामले में किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। जो भी मामले दर्ज होंगे, सबकी जांच एसआईटी करेगी। हमारे सीओए चौकी इंचार्ज, सबइंस्पेक्टर घायल हैं, जिनका उपचार चल रहा है। इंस्पेक्टर पर गांववालों ने फायरिंग भी की थी। हालात अब नियंत्रण में है।

क्यों हुई बुलंदशहर में हिंसा

दरअसल, सोमवार को बुलंदशहर में एक खेत में गोवंश का मांस मिला था जिसके बाद गांववाले उत्तेजित हो गए। गोमांस मिलने के बाद गांववालों ने प्रदर्शन किया और दोपहर 12 बजे से 1.30 बजे तक इलाके में जमकर हंगामा किया गया। इस हंगामे में प्रदर्शनकारियों की तरफ से पथराव किया गया और गोलियां चलाई गईं। बुलंदशहर के डीएम ने जानकारी दी है कि पोस्टमार्टम के दौरान यह पता चला है कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को गोली लगी है। उनकी बाईं आंख के पास गोली लगी।

 

गोली उनके सर में धंस गई थी जिसके चलते उनकी मौत हो गई। उनके सिर में लगी चोट गंभीर थी और इसके चलते उन्हें बचाया नहीं जा सका। एडीजी ने बताया कि गोवंश की हत्या की खबर मिलने के बाद महाऊ, नयाबांस और चिंगरावटी गांव के 400 के करीब लोग इकट्ठे हो गए और इन लोगों ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की। एडीजी इंटेलीजेंस को मौके पर भेजा गया है वो 48 घंटे में अपनी गोपनीय रिपोर्ट सौंपेंगे।