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नागरिक-सैन्य संबंधों को सुधारने में भारत का समर्थन चाहता है मालदीव

 

नई दिल्ली  Tue, 09 Jul 2019

India and Maldives
India and Maldives
मालदीव के संबंध भारत के साथ बेहतर रहे हैं। लेकिन फिलहाल में माना जा रहा था कि चीन द्वारा मालदीव में अत्यधिक हस्तक्षेप से दोनों देशों के रिश्तों में कुछ दरार पड़ रही है। हालांकि मालदीव के रक्षा मंत्री अब्दुल्ला शामल ने भारत के प्रति नरम रुख अपनाया है। उन्होंने पिछले सप्ताह ही भारत की यात्रा की थी। इस दौरान उन्होंने दिल्ली में भारतीय अधिकारियों के साथ चर्चा की थी।

जानकारी के मुताबिक इस बातचीत में उन्होंने अपने रक्षा बलों और नागरिक नेतृत्व के बीच संबंधों को सुधारने में भारतीय मॉडल को दोहराने की मांग की। बता दें कि इससे पहले यमन शासन के दौरान भी उनकी सेना ने दिल्ली और सशस्त्र बलों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे थे।

वहीं मालदीव के रक्षा बलों के प्रमुख अब्दुल्ला शमाल ने शुक्रवार को कहा कि भारत प्राकृतिक आपदा और सुरक्षा खतरों की स्थिति में अपने पड़ोसियों को त्वरित मदद प्रदान कर रहा है और वृहत हिंद महासागर क्षेत्र के भीतर शांति और स्थिरता के लिये ‘सुरक्षा की गारंटी प्रदान करने वाले’ की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने को तैयार है।

‘राष्ट्रीय सुरक्षा कमजोरियां, छोटे देशों के लिए मुद्दे’ विषय पर यहां एक कार्यक्रम में शमाल ने कहा कि भारत और मालदीव के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं, जिसने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाया है। उन्होंने कहा कि भारत दशकों से सुरक्षा की गारंटी प्रदान कर रहा है। विभिन्न मौकों पर भारतीय सेना की त्वरित प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है।

उन्होंने कहा कि भारत हमेशा मदद देने में सबसे आगे रहा है, चाहे वह सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय हो या सुरक्षा खतरों के समय। हिंद-प्रशांत क्षेत्र को आर्थिक और सामाजिक रूप से गतिशील क्षेत्र बताते हुए शमाल ने कहा कि भारत वृहत हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए ‘सुरक्षा गारंटर’ की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। मालदीव जैसे छोटे देश के सामने की चुनौतियों को गिनाते हुए शमाल ने कहा कि भूमंडलीय तापमान वृद्धि और हिंसक अतिवाद द्वीप राष्ट्र के सामने सबसे बड़ा खतरा हैं।

 
 

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