आपसी सहमति से संसद में लाया जाए तीन तालक पर कानून: मौलाना नदीम उल वाजदी | 24CityNews

आपसी सहमति से संसद में लाया जाए तीन तालक पर कानून: मौलाना नदीम उल वाजदी

 
  • कहा देश में सभी धर्मों को बराबर जीने का है अधिकार

देवबंद: संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार की ओर से तीन तलाक पर एक बिल पास करने के मामले में देवबंदी उलेमा मौलाना नदीम उल वाजदी का कहना है कि सरकार को कानून बनाने का हक है। वह कानून बनाए। लेकिन इस दौरान इस बात का पूरा ख्याल रखा जाए कि हिन्दुस्तान में मुसलमानों को संविधान के तहत जो अपने धर्म के तरीके से जीने का अधिकार मिला है, इसके साथ किसी तरह का छेड़छाड़ नहीं किया जाए। इसका सबसे अच्छा बेहतर हल होगा कि दारुल उलूम, जमीयत उलमा-ए-हिंद, मुस्लिम प्रर्सनल लॉ बोर्ड की सलाह से कानून साजी की जाए।

मौलाना ने भले ही यह कहा है कि सरकार को कानून बनाने का हक हासिल है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने आगाह किया है कि भारतीय संविधान में मुसलमानों को जो धार्मिक आजादी दी गई है। इसके तहत मजहब पर अमल करने की जो छूट है। उसको ध्यान में रखते हुए बेहतर होगा कि आपसी सहमती से इस पर कोई कानून लाया जाए।

सरकार के सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक मोदी सरकार तीन तलाक के मुद्दे पर गंभीर है। इस वजह से आने वाले सत्र में संसद में नया कानून या फिर मौजूदा कानून में संशोधन का विधेयक पेश किया जा सकता है।

 

 
 
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