निकाय चुनाव: सास के खिलाफ उन्ही की तीन बहुओं ने ठोकी ताल | 24CityNews


निकाय चुनाव: सास के खिलाफ उन्ही की तीन बहुओं ने ठोकी ताल

 

प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश): लोगों को निकाय चुनाव का बुखार इस कदर है कि एक परिवार के लोग ही एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की नगर पंचायत कटरा मेदनीगंज में सामने आया। यहां नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए सास और उनकी तीन बहु चुनाव मैदान में उतर रही हैं। सास का कहना है कि बहुयें उन्हें परास्त नहीं कर पाएंगी, जीत उन्हें ही मिलेगी।

प्रतापगढ़ नगर से करीब 5 किमी की दूरी पर है कटरा मेदनीगंज कस्बा। यहां रामकिशोर साहू नगर पंचायत के निवर्तमान अध्यक्ष हैं। वह स्थानीय सदर विधायक और अपना दल (अनुप्रिया गुट) के नेता संगमलाल गुप्ता के नजदीकी हैं। रामकिशोर पिछले दो बार से नगर पंचायत के अध्यक्ष चुने जा रहे हैं। इस बार महिला सीट हो जाने से उन्हें अपनी पत्नी जानकी देवी साहू को मैदान में उतारना पड़ा। मजे की बात यह है कि सास के दावा ठोकते ही उनके खिलाफ उनकी तीन बहुएं भी मैदान में उतर आई हैं। इसलिए स्थानीय लोगों के लिए यह मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है।

दो दल से तो दो निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी
जानकी देवी साहू बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। उनकी बड़ी बहू सरिता साहू पत्नी दिनेश कुमार साहू और छोटी बहू सीता देवी पत्नी अजय कुमार साहू उनके सामने निर्दलीय रूप से मैदान में हैं जबकि तीसरी बहू शान्ति देवी साहू पत्नी रामफल साहू ‘आम आदमी पार्टी’ की प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं।

नई पीढ़ी को भी मौका मिलना चाहिए
तीनों बहुएं पूरी ताकत के साथ अपने पतियों के साथ निकलकर इलाके में चुनाव प्रचार भी कर रही हैं। उनका कहना है कि महिला सीट हो जाने के बाद नई पीढ़ी की सुशिक्षित महिलाओं को मौका मिलना चाहिए लेकिन ससुर और सास इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं।

मैंने बहुओं से कहा- मर्यादा न तोड़े, लेकिन नहीं मानीं: रामकिशोर
इस बारे में पूछे जाने पर प्रत्याशी सास जानकी देवी साहू के पति निवर्तमान चेयरमैन रामकिशोर साहू ने कहा कि उन्होंने बहुओं को समझाया कि परिवार की मर्यादा न तोड़ें। उन्होंने कहा, ‘समझाने बुझाने पर सरिता (बड़ी बहू) मान गई हैं। वह हमें समर्थन देंगी। नामांकन वापस ले लेंगी। लेकिन सीता और शान्ति चुनाव लड़ने पर आमादा हैं। मैं भी चाहता हूं कि वे एक बार अपनी ताकत का अंदाजा लगा लें ताकि दोबारा यह संकट न रहे।’

 

 
 
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