मोदी सरकार के एक फैसले ने छीन लिया तीन लाख लोगो का रोजगार | 24CityNews
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मोदी सरकार के एक फैसले ने छीन लिया तीन लाख लोगो का रोजगार

 
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नई दिल्ली [दिग्विजय त्यागी]: बेरोजगारी को लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर लगातार हमले कर रहा है लेकिन सरकार है कि सुधरने का नाम ही नहीं ले रही है. देश में बेरोजगारो की फ़ौज लगातार दिन दोगुनी रात चौगुनी बढ़ रही है लेकिन मोदी सरकार इस मुद्दे पर बिलकुल भी गंभीर नहीं है.

मोदी सरकार व UIDAI के एक फैसले ने देश भर में लगभग तीन लाख लोगो से एक ही झटके में रोजगार छीन लिया है. जी हां यह अचंभित कर देने वाला सच तब है जब विपक्ष मोदी सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरे खड़ा है.

दरअसल देश भर में CSC सेंटरो पर VLE व ओपरेटरो को मिलाकर लगभग तीन लाख लोग आधार कार्ड बनाने का कार्य कर रहे है. देश भर में इन VLE को सीएससी ने आधार कार्ड बनाने के लिए लाखो रूपये की मशीने बेचीं साथ ही बाकायदा परीक्षा लेकर आधार कार्ड बनाने का प्रमाण पत्र दिया. लेकिन सरकार के एक फैसले ने इनकी लाखो रूपये कीमत की मशीनो व प्रमाण पत्रों का कबाड़ा कर दिया.

सरकार ने निर्णय लिया है कि आधार कार्ड बनाने का कार्य प्राइवेट संस्थाओ से लेकर सरकारी संस्थाओ से कराया जाएगा. सरकार ने तर्क दिया कि आधार कार्ड बनाने में प्राइवेट एजेंसी लोगो से अधिक पैसे वसूल रही है. सरकार ने यह फैसला लेते हुए उन तीन लाख लोगो के विषय में नहीं सोचा जिन्होंने लाखो रूपये की मशीने खरीदकर आधार कार्ड बनाने का कार्य शुरू किया था. सरकार के इस तुगलकी फरमान से तीन लाख लोगो के घरो का चूल्हा ठंडा हो गया.

मजे की बात यह कि सरकार जिन सरकारी संस्थाओ पर यह कार्य थोपना चाहती है वो संस्थाए इस कार्य को करने के लिए न तो तैयार है और न ही प्रशिक्षित. उदहारण के लिए सरकारी बैंक व पोस्ट ऑफिस को इस कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गयी है लेकिन इन दोनों संस्थाओ में आधार कार्ड बनाने का कार्य सुचारू रूप से नहीं चल पाया है. अक्टूबर तक बैंको को यह कार्य पूरा कर लेना था, मगर बैंको की जितनी शाखाओ में आधार कार्ड का कार्य शुरू होना था उनमे से मात्र 28 प्रतिशत शाखाओ में ही शुरू हो सका.

उधर सरकार के तुगलकी फरमान से लाखो आधार केंद्र बंद हो गए जिसके परिणाम स्वरूप आधार अपडेशन के साथ साथ नए आधार कार्ड बनाने का कार्य भी ठप हो गया जिससे आम लोग परेशानी का सामना भी कर रहे है. हालँकि UIDAI ने VLE को अपने आधार केंद्र किसी सरकारी बिल्डिंग में शिफ्ट कर चलाने की अनुमति कुछ समय के लिए दी हुई है, लेकिन इसमें दिक्कत यह है कि सरकारी बिल्डिंग में आधार केंद्र चलाने के लिए बिल्डिंग की सम्बंधित अथॉरिटी से अनुमति चाहिए जो आसानी से अथॉरिटी दे नहीं रही है. इसलिए VLE अपने आधार केंद्र सरकारी बिल्डिंग में शिफ्ट नहीं कर पा रहे है.

कुछ भी हो मोदी सरकार के एक तुगलकी फरमान ने बेरोजगारी की आग में घी डालने का काम किया है.

 

 
 
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