स्वदेशी के नाम पर डकैती बंद करो ‘बाबा रामदेव’ | 24CityNews


स्वदेशी के नाम पर डकैती बंद करो ‘बाबा रामदेव’

 

– भाजपा के सदर विधायक ने पतंजलि के महंगे होते उत्पादों पर जताई आपत्ति

– व्हाट्सअप पर पोस्ट कर कहा, बेतहाशा मूल्य वृद्धि पराकाष्ठा और त्रासदी है

– कहा, योग सिखाते सिखाते बिजनेसमैन बन गए हैं बाबा, एकाधिकार हानिकारक

मुजफ्फरनगर। पतंजलि के महंगे होते उत्पादों पर सदर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने घोर आपत्ति जताई है। उन्होंने व्हाट्सअप पर विभिन्न गु्रपों में पोस्ट डालकर योग गुरु और पतंजलि उत्पादकों के प्रचारक बाबा रामदेव से कई चुभते हुए सवाल किए हैं। चूर्ण, बादाम, बेसन के दामों को दर्शाते हुए कहा कि बेतहाशा मूल्य वृद्धि पराकाष्ठा है। बाबा रामदेव पर सीधे वार करते हुए कहा कि आप तो योग सिखाते सिखाते बिजनेसमैन बन गए। उन्होंने पतंजलि के प्रचार प्रसार पर भी सवाल किए हैं। अंत में लिखा है स्वदेशी के नाम पर डकैती बंद होनी चाहिए। शनिवार रात्रि 11 बजे के बाद सदर विधायक कपिल देव के व्हाट्सअप मोबाइल नंबर से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली गई, जिसे लेकर रविवार को दिनभर चर्चाएं होती रहीं। दरसअल भाजपा विधायक ने पोस्ट योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि के उत्पादों को लेकर की है। पोस्ट के अंत में वंदेमातरम लिखा गया है। व्हाट्सअप पर डाली गई पोस्ट में कहा गया है कि आदरणीय बाबा रामदेव जी, भारत के लाखों लोग पतंजलि और दिव्य योग के उत्पादों का प्रयोग इसलिए ही नहीं करते कि वह गुणवत्ता में बहुत अच्छी है, बल्कि लोग शुरू शुरू में आपके उत्पादों का प्रयोग राष्ट्रीयता और देशभक्ति के साथ-साथ कम दाम के कारण भी खरीदते थे। शुरुआत में आपने स्वयं को प्रचार विरोधी बताकर पतंजलि उत्पाद को अच्छी गुणवत्ता के साथ मार्केट में उतारा, जो सही भी था और लोगों ने उसे पसंद भी किया परंतु धीरे-धीरे कब आपके सामानों की कीमत ज्यादा होती चली गई पता नहीं चला। अब इतनी ज्यादा हो चुकी है की चिंता का विषय बन चुका है। अब टीवी पर हर तीसरा प्रचार पतंजलि का है तो क्या इससे यह लगाया जाए कि आप भी अर्थ तंत्र की एक बड़ी मछली के रूप में सामानों को महंगे दामों पर बेचेंगे?जो चूर्ण 2015 में 40 का था वही 2016 में 85 का कैसे हो गया?100 फीसदी से भी ज्यादा की बढ़ोतरी…?मई 2016 में जिस बादाम रोगन का दाम 110 रुपये था ऐसा क्या हुआ कि वह मात्र नौ माह बाद मार्च 2017 में 150 का हो गया, यानी 36 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी। यह मूल्य वर्धन की पराकाष्ठा या त्रासदी है। मुझे आपसे यह उम्मीद नहीं थी। ऐसे ही दो माह पहले बेसन का दाम राजधानी बेसन से 15 रुपये सस्ता था और आज 15 रुपये महंगा हो गया है ।अब मुझे ऐसा लगने लगा है कि आप के उत्पाद की न्यूरोमार्केटिंग से बाहर आकर मुझे सोचना पड़ेगा क्यों कि आप जनता का बेवकूफ काटने लगे हैं। भावना और देशभक्ति बेचने के दिन लद गए..। जनता को भी अब यथार्थ पर आना चाहिए और पतंजलि को भी अपने उत्पाद सही दामों पर बेचने का दबाव बनाना चाहिए। साथ साथ यह भी बताइये की आप पहले कैमिकल का विरोध करते थे तो आपके शैम्पू और आपके साबुनों में क्या लक्ष्मन को जीवित करने वाला जड़ी बूटी डाला है क्या….। हमें ये बताइये आपके ब्यूटी-प्रोडक्ट्स, फेसवाश, सर्फ, स्लिम-पाउडर ये सब क्या आपने बिना कैमिकल के ही बना लिया और आपको नूडल्स बनाने की क्या पर गयी…। ये तो चीन का भोजन है और उसकी कपी करके आपका किस देशभक्ति का काम कर रहे है……। आपके बिस्कुट आपके चोकोफ्लेक्स क्या ये सब विदेशी सामानों का नकल नही है..। अगर आप देशभक्ति का काम करते तो हर सामान आप और कंपनियों की भांति या उससे भी महंगे दामों में नहीं बेचते, लेकिन नहीं। आपने तो धंधा शुरू कर दिया। योग सिखाते सिखाते आप कब बिजनेसमैन बन गए पता ही नहीं चला। धीरे धीरे आपके देशभक्ति वाले उत्पाद आम आदमी के पहुच से बाहर हो रहे है। आगे लिखा गया है कि दोस्तों इसे जरूर शेयर करे, क्योंकि आजकल की पब्लिक सब समझती है, बस जरूरत है उन्हें थोड़ा बताने की और जागरूक करने की। इसलिए इस तरफ जरूर ध्यान दें, क्योंकि देश में एकाधिकार का जन्म हो रहा है, जो लोकतंत्र के लिए घातक साबित हो सकता है इसलिए हर गलत दिशा में उठते हुए कदम का विरोध करना है। सदर भाजपा विधायक कपिल देव अग्रवाल का कहना है कि ‘‘मैं लखनऊ बैठक में हूं, व्हाट्सअप पर पोस्ट डाली गई है वह उन्होंने नहीं डाली, बल्कि उनके मोबाइल फोन से डाली गई है। एक नए लड़कों को रखा गया है उससे डल गई है। उससे इस संदर्भ में पूछा गया तो उसने बताया उसे एक गु्रप पर पड़ी मिली थी, अच्छी लगी इसलिए गु्रपों में डाल दी है। वे बाबा रामदेव के खिलाफ एक शब्द नहीं बोल सकते, बल्कि सोच भी नहीं सकते हैं। सब गलती से हुआ है।’’

 
 
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