सोलानी नदी में आयी बाढ से जनजीवन अस्त व्यस्त | 24CityNews


सोलानी नदी में आयी बाढ से जनजीवन अस्त व्यस्त

 

-ग्राम मजलिसपुर तौफीर के ग्रामीणों ने चुनाव के बहिष्कार की दी चेतावनी

-नागरिकों से लेकर पशुओं व जंगली जानवरों का जनजीवन हुआ प्रभावित

मुजफ्फरनगर। पहाडी क्षेत्र से आये पानी से गंगा खादर क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पानी घुस आया है। सोलानी नदी में आये तेज उफान से मोरना लक्सर मार्ग पानी में डूब गया है। जिसके चलते मोरना से उत्तराखण्ड सीमा पर बसे गांवों का सम्पर्क टूट गया है। घरों में बाढ का पानी घुस जाने से घर में रखी खाद्य सामग्री व कीमती सामान पानी में डूबकर खराब हो गया हे। ग्रामीणों के कृषि यन्त्र पानी में डूब गये हैं व पशुओं को ऊँचे स्थानों पर ले जाया गया है। बडी संख्या मंे ग्रामीण मकानों की छत पर खुले आकाश के नीचे चूल्हा चैकी कर आश्रित हो गये हैं। बाढ के कारण फसलें जलमग्न हो गयी है तथा जंगली जानवर नील माहे, हिरण व विशाल जलीय जन्तु भी रखे स्थानों पर अपना आशियाना ढंूढ रहे हैं। जहां इनकी सुरक्षा की चिन्ता बढ गयी है। वहीं बाढ क्षेत्र का दौरा करने पहुंची जानसठ तहसील की टीम को ग्रामीणों के रोष का सामना करना पडा। भाजपा नेता व नमामि गंगे के सदस्य डाॅ. वीरपाल निर्वाल ने उपजिलाधिकारी जानसठ ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी से पांच पुलियों के चैडीकरण सहित उन्हें ऊँची करने सहित मार्ग को ऊँचा करने की मांग की। मोरना विकास खण्ड के गंगा खादर क्षेत्र के गांव प्रत्येक वर्ष की भांति बाढ आ जाने से जलमग्न हो गये। नागरिकों से लेकर पशुओं व जंगली जानवरों का जनजीवन भारी रूप से प्रभावित हुआ है। ग्राम मजलिसपुर, खैरनगर, महाराजनगर, सिताबपुरी आदि गांव बाढ के पानी में डूब गये हैं। ग्राम मजलिसपुर तौफीर के ग्रामीणों ने शासन प्रशासन पर रोष प्रकट करते हुए आगामी किसी भी चुनाव में मतदान न कर चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम मथाना से निकले 6 किमी लम्बे बहाने की सफाई व गंगा तटबंध पर शुक्रताल तक बांध बनाने से क्षेत्र में बाढ नहीं आयेगी तथा लाखों का जीवन बाढ से प्रभावित नहीं होगा। वहीं मोरना लक्सर मार्ग जलमग्न हो जाने से क्षेत्र का सम्पर्क पडोसी राज्य से टूट गया है। मार्ग के ऊपर से तेज गति के साथ पानी गुजर रहा है, जिसमें महिलाएं व वृद्ध गिरकर घायल हो रहे हैं। प्राथमिक स्कूलों में पानी भर गया है। स्कूली बच्चे पानी की तेज धार को पार कर जान जोखिम में डालते हुए स्कूल जा रहे हैं। ग्रामीण गांव के गणमान्य व्यक्तियों के आवास पर चैपाल लगाकर बाढ से बचने के उपायों पर चर्चा कर रहे हैं। वहीं युवाओं ने गांवों में इण्टर काॅलेज की स्थापना की मांग व महिलाओं ने सरकारी अस्पताल के जीर्णोद्धार की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव का सम्पर्क अन्य स्थानों से टूट जाने से गांव के मरीज इलाज के लिए तडप रहे हैं। गांव में न तो कोई कुशल चिकित्सक है और न चिकित्सकीय सुविधाएं प्रसव के समय महिलाओं को भगवान के सहारे की ही आस लगानी पडती है। बाढ के दौरान अक्सर प्रसव पीडा वाली महिलाओं की मौत हो जाती है। शासन प्रशासन से उन्हंे केवल आश्वासन मिलते आये हैं। इसलिए अबकी बार ग्रामीणों ने किसी भी प्रकार के मतदान में भाग न लेने की बात कही है। इस मौके पर भाजपा नेता आशीष निर्वाल, हरपाल सिंह म्हार, महेन्द्र सिंह चैहान, ओमकार सिंह, रोहित, मांगेराम, ऋषिपाल, योगेन्द्र, ओमप्रकाश, जयपाल, शेरसिंह, सुरेन्द्र, प्रमोद, रोहताश, कपिल, सन्दीप, ब्रहमपाल, महकार, कृष्णपाल, बबलू, रतन, जसवंत, जलसिंह पोपिन, सचिन आदि मौजूद रहे।

 
 
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